यूक्रेन और रूसी सैनिकों के बीच जंग का आज नौंवा दिन है। रूसी सैनिक यूक्रेन के हर शहर पर कहर बनकर टूट रहे हैं। युद्ध से सहमे यूक्रेनी देश छोड़ रहे हैं। यूक्रेन में हजारों की संख्या में भारतीय लोग भी हैं, जो अपने वतन आने की कोशिशें कर रहे हैं। हालांकि सरकार की मुस्तैदी से कई भारतीयों की वतन वापसी संभव हो चुकी है और कईयों की जारी है। इसी कड़ी में एक भारतीय युवक भी यूक्रेन में फंसा है, जिसे कोरोना लॉकडाउन के दौरान उसकी मां ने स्कूटर पर 1400 किलोमीटर का सफर तय करके रेस्क्यू किया था।
तेलंगाना के निजामाबाद जिले के सरकारी स्कूल में शिक्षिका रजिया बेगम अपने बेटे निजामुद्दीन अमन की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रही है। निजामुद्दीन यूक्रेन के सूमी शहर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। सूमी रूसी सीमा के करीब स्थित है और अधिकांश भारतीय छात्र सूमी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से ताल्लुक रखते हैं।
रजिया बेगम ने रूस और यूक्रेन के बीच तनावपूर्ण गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, राज्य के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली से उनके बच्चे और अन्य भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।