हनोल स्थित श्री महासू देवता मंदिर में आयोजित होने वाले जागरा मेले की तैयारी को कालसी तहसील में मंदिर समिति की बैठक हुई। इसमें मंदिर समिति ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोक पर्व की महत्ता का प्रचार-प्रसार करने को जागरा मेले की डाक्यूमेंट्री बनाने का निर्णय लिया। समिति ने कहा कि जागरा मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो इसके लिए मंदिर क्षेत्र के आसपास 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
सोमवार को मंदिर समिति की पदेन अध्यक्ष उप जिलाधिकारी चकराता युक्ता मिश्र की अध्यक्षता में श्री महासू देवता मंदिर प्रबंधन समिति हनोल की बैठक हुई। इसमें महासू देवता की पूजा-पाठ व्यवस्था से जुड़े स्थानीय कारसेवकों एवं हक-हकूकधारियों, समिति के वरिष्ठ सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
मेले में सबसे बड़ी समस्या वाहनों के पार्किंग
बैठक में 18 सितंबर को आयोजित होने वाले जागरा मेले की तैयारी के संबंध में चर्चा की। समिति के सदस्यों ने कहा कि रात्रि को आयोजित होने वाले मेले में सबसे बड़ी समस्या वाहनों के पार्किंग की है। महासू देवता मंदिर के दरबार में रात्रि जागरण को आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के वाहनों की वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था को ग्रामीण निर्माण विभाग के हनोल-ब्यूलाड़ा संपर्क मार्ग और पीएमजीएसवाई के चातरा-हनोल संपर्क मार्ग को उपयोग में लाया जा सकता है।
हनोल-ठडियार मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित
इसके अलावा, वाहनों का भारी दबाव होने से त्यूणी-मोरी स्टेट हाईवे पर शठंगधार से लेकर खूनीगाड़ के बीच सात किलोमीटर हिस्से में सड़क के किनारे वन-साइड पार्किंग व्यवस्था बनाने को पुलिस-प्रशासन की टीम स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ पूरी रात पेट्रोलिंग करेगी। इसके अलावा मंदिर को जोड़ने वाले हनोल-ठडियार संपर्क मार्ग पर मेले के दिन रात्रि में आपातकालीन सेवा को छोड़कर अन्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
सभी व्यवस्थाओं पर रहेगी कड़ी नजर
मेले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को प्रवेश द्वार से लेकर भंडारा स्थल, मंदिर के आने-जाने वाले सभी आंतरिक मार्गों और आसपास की निगरानी को 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मंदिर समिति के कंट्रोल रूम से सभी व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
एसडीएम ने तहसीलदार सुशीला कोठियाल को मेलाधिकारी नियुक्त किया है। इसमें मंदिर समिति के अनुभवी एवं वरिष्ठ सदस्यों को व्यवस्था संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेले में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधा को प्रभारी चिकित्साधिकारी त्यूणी डा. नरेंद्र राणा के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग की टीम दो एंबुलेंस के साथ हनोल में उपलब्ध रहेगी।
20 हजार लीटर क्षमता का रिजर्व टैंक
मंदिर क्षेत्र के आसपास पथ प्रकाश की व्यवस्था बनाने का जिम्मा ऊर्जा निगम के अनुभवी उपखंड अधिकारी चकराता अशोक कुमार को सौंपा गया है। पेयजल व्यवस्था के लिए जल संस्थान की टीम मंदिर समिति के साथ समन्वय स्थापित कर लंगर हाल के पास बने 20 हजार लीटर क्षमता के रिजर्व टैंक को उपयोग में लाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था बनाने को पुलिस क्षेत्राधिकारी विकासनगर, एआरटीओ प्रवर्तन, नायब तहसीलदार व थानाध्यक्ष त्यूणी के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन की टीम मंदिर समिति के साथ समन्वय स्थापित कर मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग प्रदान करेगी।
महासू देवता के मंदिर में परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले लोक पर्व जागरा मेले की विशेषता और धार्मिक महत्ता के प्रचार-प्रसार को मंदिर समिति द्वारा मेले की डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी। जिससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों में देवता के लोक पर्व के माध्यम से आध्यात्मिक एवं लोक संस्कृति का संचार होगा।
मंदिर समिति पिछले कई वर्षों से श्रद्धालुओं को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। मंदिर समिति ने क्षेत्र एवं समाज की खुशहाली के प्रतीक माने जाने वाले देवता के सबसे बड़े लोक पर्व जागरा मेले को भव्य व दिव्य बनाने के लिए क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों से सहयोग मांगा है।
इस दौरान मेलाधिकारी तहसीलदार सुशीला कोठियाल, सीओ विकासनगर बीएल शाह, एआरटीओ प्रवर्तन आरएस कटारिया, एसडीओ ऊर्जा निगम अशोक कुमार, सचिव मंदिर समिति मोहनलाल सेमवाल, नायब तहसीलदार ग्यारूदत्त जोशी, वरिष्ठ सदस्य राजाराम शर्मा, जितेंद्र सिंह चौहान, आरएस रावत, सीआर राजगुरु, प्रहलाद जोशी, नरेंद्र नौटियाल, भीमदत्त जोशी, केशर सिंह चौहान, नरेश शर्मा आदि मौजूद रहे।