डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत रायपुर प्रखंड के विभिन्न गांव में धान की सैकड़ो बीघा धान की फसल पत्ती लपेटक रोग व झुलसा रोग के चलते बर्बाद हो गई। परंतु जिम्मेदार कृषि विभाग के अधिकारी अपने कार्यालय से बाहर नहीं आ पा रहे।
सरकार लगातार किसानो की आय दोगुनी करने की बात तो करती है। परंतु उसके जिम्मेदार अधिकारी सरकार की साख पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। यदि समय से किसानों को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर दिया जाता और समुचित दवाइयां उन्हें उपलब्ध कराई जाती तो किसानों की मेहनत की कमाई बच जाती।
पत्ती लपेटक रोग ने फसल कर दी बर्बाद
सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सोलंकी ने बताया कि कृषि विभाग अपने कार्यालय से बाहर आने को तैयार नहीं है। किसानों को समुचित जानकारी यदि समय से दी जाती तो किसानों की फसले बच सकती थी। गुदियावाला के किसान रघुवीर पवार, रामनगर डांडा के किसान दीपक राठौर ने बताया कि पत्ती लपेटक रोग के चलते उनकी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। परंतु आज तक कृषि विभाग के अधिकारियों ने मुआवजा या अन्य किसी कार्य के लिए उनसे संपर्क नहीं किया।
फसल तबाह होने से किसान मायूस
कुड़ियाल गांव के किसान तेजपाल की कृषाली, विजय कठैत ने कहा कि कृषि विभाग पूरी तरह से गैर जिम्मेदार बना हुआ है। जिसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। कोटी में मयचक की ग्राम प्रधान रेखा बहुगुणा ने कहा कि कृषि विभाग को समय-समय पर गांव में निरीक्षण कर किसानों को जानकारियां देनी चाहिए।
रोग ग्रस्त फसल पर यदि समय से कृषि विभाग किसानों को जानकारी देता तो आज सैकड़ो बिघा धान की फसल बर्बाद ना होती। वहीं रायपुर प्रखंड के प्रभारी कृषि अधिकारी वीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि किसानो की फसले खराब होने की जानकारी मिलने पर कुछ किसानों के खेतों का निरीक्षण कर उन्हें जानकारी दी गई है। मुआवजा आदि का मामला सरकार के स्तर का है। जिसको लेकर जल्द ही रिपोर्ट दी जाएगी।