फेसबुक पर दोस्ती, फिर देने लगी झांसा; देहरादून में कारोबारी से 64 लाख की ठगी – Vistrit News

फेसबुक पर दोस्ती, फिर देने लगी झांसा; देहरादून में कारोबारी से 64 लाख की ठगी

फेसबुक पर दोस्त बनी एक युवती ने कोटद्वार के कारोबारी से 64 लाख रुपये ठग लिए। युवती ने शेयर मार्केट में क्षति की भरपाई का भरोसा दिलाया था। उसने पीड़ित के दो ऐप डाउनलोड करवाए। अमेरिकन डॉलर की खरीद-फरोख्त कराई। इस ऐप पर पीड़ित को हर सौदे में लाभ दर्शाया गया। जब पैसे निकालने का प्रयास किया तो कभी टैक्स के बहाने तो कभी मनी लॉन्ड्रिंग से बचाने के नाम पर शुल्क लिया गया। ऐप में पीड़ित के खाते में एक लाख डॉलर दर्शाए जा रहे थे। वह 64 लाख देने पर एक रुपया तक नहीं कमा सके।

इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। अलकनंदा कॉलोनी (कोटद्वार) के अवधेश कुमार अग्रवाल से ठगी हुई। पुलिस के अनुसार, आठ अगस्त को फेसबुक पर रिया शर्मा नाम की युवती से अग्रवाल की दोस्ती हुई थी। इस बीच, अग्रवाल ने रिया से कहा कि उनको शेयर मार्केट में नुकसान हुआ है। रिया ने अवधेश से कहा कि उसे भी नुकसान हुआ था, मगर इसकी भरपाई उसने चाचा की मदद से कर ली। रिया ने कहा कि उसके चाचा फॉरेक्स ट्रेडिंग (करेंसी बाजार) के एक्सपर्ट हैं और वह अमेरिकन डॉलर खरीदते एवं बेचते हैं। यह बातें सुनकर अग्रवाल को आस जगी। मगर वे ठगी का शिकार हो गए। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है।

दून के तीन लोग 94 लाख रुपये गंवा बैठे 

ठगों ने तीनों लोगों को 94 लाख का चूना लगा दिया। पीड़ितों ने साइबर थाने में तहरीर दी, जहां केस दर्ज किया गया। सीओ साइबर थाना अंकुश मिश्रा ने बताया कि एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर ऑनलाइन कमाई का मैसेज मिला था। उन्हें शुरू में कुछ रिटर्न मिला। फिर पीड़ित ने 40 लाख जमा करवा दिए। इसके बाद कोई भी रिटर्न नहीं आया। एक और व्यक्ति से इसी तरह से 34.08 लाख ठगे गए। तीसरे व्यक्ति को ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर बीस लाख ठगे गए।

निवेश का झांसा देकर ठगने वाले पर मुकदमा

आरडी में निवेश का झांसा देकर ठगने के मामले में वसंत विहार थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इम्तियाज अली निवासी मेहूंवाला माफी ने तहरीर में बताया कि कांवली रोड पर जनहित प्रोड्यूजर कंपनी का कार्यालय था। मैनेजर उमेश कुमार निवासी अमरोहा तैनात था। उन्होंने दून शाखा में आरडी खाता खुलवाया, जिसमें कुल 19 किस्त जमा करनी थी। आखिरी तीन किस्त 11 जुलाई 2021 को एक साथ जमा करते हुए तीस हजार दिए। इसके बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गया।

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