विकासनगर, ब्यूरो। कालसी पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज कालसी में आयोजित गोष्ठी में छात्र–छात्राओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया। वक्ताओं ने नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक बीमारियों तथा हानी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
राइंका पुरानी कालसी में शुक्रवार को आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष कालसी अशोक राठौर ने कहा कि नशा और ड्रग्स का सेवन लोगों को अंदर से खोखला बना सकता है। यह ना केवल लोगों को शारीरिक रूप से बीमार बनाता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुचाता हैं। कहा कि नशीली दवाओं के सेवन से आपका ब्रेन सही से काम करना बंद कर देता है। लगातार नशे के प्रयोग से आपकी याददाश्त कमजोर हो जाती है। जिसमे मनोदशा मे बदलाव, मेमोरी लॉस और स्पष्ट रूप से सोचने और समस्याओं को हल करने मे परेशानी हो सकती है। कहा कि कम उम्र मे जो बच्चे जिनका ब्रेन पुरी तरह से विकसित नहीं हो पाता वह नशा और ड्रग्स का सेवन करना प्रारम्भ कर देते हैं, जिससे उनका ब्रेन विकसित नहीं होता। बताया कि नशे और ड्रग्स में सबसे तेज हेरोइन और स्मैक को माना गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि नशे के बाद व्यक्ति अत्यधिक थका हुआ, भूखा, चिड़चिड़ा, मानसिक रूप से भ्रमित और उदास महसूस करता है। जिसके करण हार्ट अटैक का भी जोखिम हो सकता है। ड्रग्स अपनी रासायनिक संरचना के करण मानव शरीर को अलग–अलग तरीकों से प्रभावित करते हैं। कहा कि आज युवा वर्ग में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का कारण नशे को शान का प्रतीक समझा जाने लगा है। युवा वर्ग नशा करता है और अपने साथियों को भी प्रेरित करता है। नशा माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और नेटवर्क से नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध होने लगे हैं। जिनके खिलाफ पुलिस और अन्य एजेंसी सख्त कार्रवाई कर रही है। कहा कि नशे से लोगों को बचाना होगा। इसके लिए जागरूकता जरूरी है।