विकासखंड के भटकोट में नवनिर्मित जगन्नाथ मन्दिर से भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा में दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालु शामिल हुए। लोगों ने घरों की छतों से भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। रथ यात्रा का समापन अगनेरी में विशाल भंडारे के साथ हुआ।रविवार को इस्कान की ओर से आयोजित रथयात्रा का शुभारंभ नारियल तोड़कर हुआ। रथयात्रा हरे राम, हरे राम, रामा रामा हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्णा कृष्णा हरे हरे की गूंज से माहौल भक्तिमय हो गया। रथ यात्रा चांदीखेत, चौखुटिया बाजार होते हुए करीब चार किमी चलकर अगनेरी मंदिर पहुंची।
रथ को दो मोटी रस्सियों से खींचा गया। भगवान जगन्नाथ के रथ काे खींचने के लिए लोगों में होड़ मची रही। देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत हारमोनियम, मृदंग, करताल के अलावा शंख आदि बजा रहे थे। यात्रा के मुख्य संयोजक संत गोविंद दास प्रभु रहे।इस मौके पर ललित तडियाल, भगवत सिंह रौतेला, दीप पंत, बहादुर सिंह, भगवान सिंह, राम सिंह, सुंदर सिंह, योगेश, गोपाल सिंह, भगवत ठाकुर, गणेश चंद्र, सीमा टढियाल, गीता कांडपाल, बसंती देवी, हंसी, राधा देवी, गोविंद सिंह तडियाल, गिरधर बिष्ट आदि मौजूद थे।
भगवान जगन्नाथ के लिए तैयार किए गए 56 भोग
यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा का शृंगार किया गया। इसके बाद देसी घी से बनाए गए बेसन के लड्डू, जलेबी, रसगुल्ला, खीर, पनीर आदि 56 भोग लगाया गया।देश के विभिन्न हिस्सों से रथ यात्रा में पहुंचे संत
चौखुटिया। जगन्नाथ यात्रा के मुख्य संयोजक संत गोविंद दास के अलावा पश्चिम बंगाल से श्यामसुंदर दास, गौरा गुणमनी, दीनबंधु, वयसम्भुपायन, वृंदावन से सुचिता, मोहन सौरभ, अभिराम प्रभु, कृष्ण सुदामा प्रभु, रमन राधा दास, परशुराम दास, दीनबंधु, कुंज बिहारी, संत प्रभु गोविंद दास, श्याम सुंदर दास, अनिरुद्ध दास, सुदामा दास, पीतांबर दास आदि संत पहुंचे।