बागेश्वर उपचुनाव के बाद विकास की आस लगाए बैठे लोगों की दिक्कतें हल होने के बजाए बढ़ने लगी हैं। तमाम लोग दो माह से मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराने को चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन नक्शे पास करने के लिए अधिकारी नहीं होने से मायूस लौट रहे हैं।
मतगणना के बाद एडीएम को नैनीताल अटैच करने और उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को न भेजने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पांच सितंबर को बागेश्वर में विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान हुआ। आठ को मतगणना के बाद पार्वती दास विधायक बन गई।
उपचुनाव के दौरान सत्ताधारी नेताओं ने शहर में आम लोगों को सहूलियत देने और विकास की धारा बहाने के तमाम दावे किये। लेकिन मतगणना के एक सप्ताह बाद ही एडीएम सीएस इमलाल व गरुड़ के एसडीएम राजकुमार पांडेय को सरकार के निर्देश पर कुमाऊं आयुक्त के कार्यालय में अचैट कर दिया है।
बताया जा रहा है कि चुनाव के दौरान उनका काम बेहतर नहीं होने के कारण उन्हें अटैच किया गया है। लेकिन दोनों की जगह अन्य अधिकारी को अब तक नहीं भेजा गया है। इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि चुनाव से एक महीने पहले से आचार संहिता लगने के कारण लोगों के काम नहीं हो पाए। चुनाव निपटे तो अधिकारियों को भी हटा दिया गया। एक माह होने को है अब तक उनकी जगह कोई अधिकारी नहीं आया है।
आम लोग नक्शे पास कराने के लिए दो महीने से कलक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें हर बार एक ही जवाब मिल रहा है कि जब एडीएम साहब आएंगे तभी फाइल आगे बढ़ेगी। पर एडीएम साहब कब आएंगे, ये किसी को पता नहीं है। लोगों ने सरकार से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है।भवनों के नक्शे पास नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। जल्द ही नक्शे पास की व्यवस्था की जाएगी। लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।