देहरादून(ब्यूरो)-उत्तराखंड के टिहरी जिले की भिलंगना घाटी स्थित खतलिंग ग्लेशियर के सामने तेजी से बढ़ रही हिमनदीय झील (ग्लेशियल लेक) भविष्य में बड़ी आपदा का कारण बन सकती है। देहरादून स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग सहित अन्य संस्थानों के विज्ञानियों ने सैटेलाइट आंकड़ों और कंप्यूटर आधारित बाढ़ मॉडलिंग के आधार पर चेतावनी दी है कि यदि यह झील टूटती है तो अधिकतम 4377 घनमीटर प्रति सेकंड (क्यूमेक) पानी नीचे की घाटी में तबाही मचा सकता है। इसलिए मानसून के दौरान ग्लेशियर झीलों की सक्रिय निगरानी आवश्यक है।