ऋषिकेश ब्यूरो –गुणवत्ता के अभाव में दरवाजे, खिड़की टूटे, जमीन में रखा गया है केमिकल
दरवाजे-खिड़कियां टूटीं, गेट खराब; केमिकल रखने को रैक तक नहीं
ऋषिकेश। सोमेश्वर नगर पानी की टंकी परिसर में जल संस्थान देहरादून की ओर से वर्ष 2024 में बनाई गई वाटर टेस्टिंग लैब की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करीब दो साल में ही लैब के दरवाजे-खिड़कियां टूटने लगी हैं और बरामदे का गेट भी खराब हो गया है। कर्मचारियों की शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने निर्माण गुणवत्ता की जांच कराने की बात कही है।
ऋषिकेश। सोमेश्वर नगर पानी की टंकी परिसर में जल संस्थान देहरादून की ओर से वर्ष 2024 में बनाई गई वाटर टेस्टिंग लैब की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। करीब दो साल में ही लैब के दरवाजे-खिड़कियां टूटने लगी हैं और बरामदे का गेट भी खराब हो गया है। कर्मचारियों की शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने निर्माण गुणवत्ता की जांच कराने की बात कही है।
पुराना भवन तोड़कर बनाई गई लैब में एक हॉल, दो कमरे, शौचालय और बाथरूम हैं। कर्मचारियों के अनुसार निर्माण के एक साल बाद ही दरवाजों में दरारें आने लगी थीं। इसकी सूचना जलकल अभियंता और जल संस्थान देहरादून के अधिशासी अभियंता को दी गई, लेकिन टूटे दरवाजों की सुध नहीं ली गई।