राजधानी में बढ़ रहे जमीन फर्जीवाड़े के प्रकरणों में जिलाधिकारी (डीएम) सोनिका एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे रही हैं। सोमवार को आयोजित जनसुवाई में भी जिलाधिकारी ने इस बात को दोहराया। हालांकि, जिले की मुखिया के इन निर्देशों पर पुलिस ध्यान नहीं दे रही।ऋषिकेश तहसील के हरिपुर कलां की दाखिल खारिज की एक फाइल राजस्व अभिलेखागार से गायब करा दी गई है। इस प्रकरण में सूचना आयोग से लेकर जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जिसके क्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल शहर कोतवाली में तहरीर भी दे चुके हैं। साथ ही पुलिस के पास जाकर कई बार आग्रह भी कर चुके हैं। इसके बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज करने को तैयार नहीं है।
इससे पहले रजिस्ट्री फर्जीवाड़े से संबंधित एक प्रकरण (रैनापुर ग्रांट) में जिलाधिकारी के उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद एफआईआर दर्ज की जा सकी। जिस प्रकरण में आरोपितों की निरंतर गिरफ्तारी की जा रही है, उसमें भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एसआइटी गठित किए जाने और निरंतर निगरानी के बाद तंत्र चुस्त दिख रहा है।
86 शिकायतें दर्ज
जिलाधिकारी की जनसुनवाई में सोमवार को कुल 86 शिकायतें दर्ज की गईं। अच्छी बात यह रही कि अधिकतर का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। सिर्फ जमीन फर्जीवाड़े व अतिक्रमण के कुछ मामलों में जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
जल जीवन मिशन की योजनाओं का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए
गोपेश्वर के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने सोमवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि योजनाओं का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। जल जीवन मिशन कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए शत प्रतिशत एफएचटीसी का कार्य पूर्ण करें। सभी कार्यदायी संस्थाएं लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्माण कार्यों में प्रतिदिन प्रगति लाएं।
हर घर जल ग्रामों का मिशन मूड में शत प्रतिशत सत्यापन किया जाए। ग्रामीण पंपिंग, नलकूपों के विद्युत संयोजन की कार्रवाई पूरी करें। मुख्य विकास अधिकारी को प्रत्येक सप्ताह जल जीवन मिशन कार्यो की प्रगति समीक्षा करने को कहा। जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार सैनी ने अवगत कराया कि 77649 घरेलू जल संयोजन के सापेक्ष अभी तक 73220 घरेलू जल संयोजन किए जा चुके हैं और 94.30 प्रतिशत एफएचटीसी का कार्य पूरा कर लिया गया है।
अवशेष 4429 घरेलू संयोजन का कार्य प्रगति पर है। पेयजल योजनाओं के पुर्नगठन एवं जल स्रोतों के सुधारीकरण के लिए 493 स्वीकृत आंगणन में से 492 के टेडर हो चुके हैं जिसमें से 365 कार्य प्रगति पर तथा 127 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा एक योजना का टेंडर होना शेष है। जेजेएम के अंतर्गत आवंटित कुल 3230.53 लाख में से 2778.09 लाख व्यय हो चुका है।
बैठक में डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे, डीएफओ इंद्र सिंह नेगी, सीडीओ डा. ललित नारायण मिश्र, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार सैनी, जल निगम के अधीक्षण अभियंता दीपक मलिक, अधीक्षण अभियंता वीके जैन, अधिशासी अभियंता अरूण प्रताप सिंह, सहायक अभियंता अरूण गुप्ता आदि उपस्थित थे।