रविवार को चकराता क्षेत्र में पर्यटकों की आमद बढ़ने से त्यूणी चकराता मसूरी हाईवे पर पूरे दिन जाम की स्थिति रही। ट्रेफिक रेंगता रहा। पर्यटन स्थल रहे पर्यटकों से गुलजार रहे। चकराता छावनी बाजार में गजब की रौनक रही। सभी होटल फुल होने पर अनेक पर्यटकों को वापस लौटना पड़ा।
शनिवार को पर्यटकों का आना शुरू हो गया था। रविवार को पर्यटकों की इतनी संख्या बढ़ी कि चकराता की पार्किंग पहले ही फुल हो गयी। पर्यटकों को अपने वाहन रोड किनारे लगाने पड़े। ज्यादा पर्यटक आने की वजह से त्यूणी चकराता मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही।
प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों टाइगर फॉल, देववन, कोटी कनासर, मोइला टाप, लोखंडी, मुंडाली, चैरना चुरानी, चिंताहरण महादेव मंदिर, गुरुद्वारा, बुधेर आदि में चारों तरफ पर्यटक ही पर्यटक दिखाई दे रहे थे। पर्यटन स्थलों का दीदार कर पर्यटकों ने दिनभर खूब मस्ती की। यादगार पलों को कमरे में कैद किया। शहरों की व्यस्ततम जीवन शैली से दूर पहाड़ों का सुकून हर पर्यटक को मिला।
शांत वातावरण और शीतल हवाओं का अहसास कर पर्यटक खुश नजर आए। मौसम ठंडा होने पर अनेक पर्यटकों ने गर्म कपड़े भी खरीदे। पर्यटकों का ज्यादा फोकस मंडुवे, मक्का का आटा, झंगोरा, लाल चावल, चकराता की प्रसिद्ध राजमा, कुलथ, उड़द, तोर, भट्ट की दाल के साथ-साथ बुरांश, पुदीने, खुमानी का शरबत खरीदने पर रहा।
सूर्यास्त का नजारा देखने पर्यटक सनसेट प्वाइंट चिरमिरी पहुंचे। छावनी बाजार में होटल, रेस्टोरेंट में पर्यटकों की भारी भीड़ दिखाई दी। पर्यटकों की आमद होने से स्थानीय कारोबारी के चेहरे भी खिल उठे। हरियाणा व पंजाब से आए पर्यटक नागेंद्र सिंह, हरचरण, जसप्रीत, गुरमीत, अंशुमन, दिग्विजय, प्रवीण सिंह आदि का कहना है कि चकराता में हर तरफ मनोहारी नजारे हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव है।
इतने पर्यटक पहली बार आए
चकराता में पर्यटकों की संख्या पहली बार काफी अधिक रही। व्यवसायी अशोक कुमार गोयल, सुभाष चौहान, राजेंद्र राणा, अमित जोशी, राहुल चांदना, प्रताप चौहान, राजेंद्र राणा, राजेंद्र अरोड़ा, नितेश असवाल, रविंद्र रावत, रविंद्र चौहान, सुभाष चौहान आदि का कहना है कि चकराता व आसपास के क्षेत्र में सभी होटल, रिसार्ट फुल हो चुके हैं। जिस कारण अनेक पर्यटकों को सांझ ढ़लने पर वापस लौटना पड़ा। वीकेंड का इंतजार पर्यटन से जुड़े व्यवसायी बेसब्री से करते हैं। वीकेंड पर पर्यटकों के आने का फायदा होम स्टे, रिसार्ट संचालकों व टैक्सी चालकों को भी मिलता है।
चकराता को किया जाए विकसित
चकराता क्षेत्र के व्यापारियों की आजीविका अब केवल पर्यटन व्यवसाय पर ही निर्भर रह गई है। आज से 20 वर्ष पूर्व यहां का व्यापार ग्रामीणों व भारतीय सेना के जवानों व उनके परिवारों के सदस्यों पर निर्भर था। व्यापार मंडल अध्यक्ष केसर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अनिल चांदना, सचिव अमित अरोड़ा, प्रदीप जोशी, पकज कुमार जैन, नैन सिंह राणा, कमल किशोर रावत, चंदन रावत आदि ने सरकार से मांग की कि चकराता को भी प्रदेश के अन्य पर्यटक स्थलों मंसूरी, नैनीताल, रानीखेत, औली, मुंसियारी, जोशीमठ व अन्य पर्यटक स्थलों की तरह विकसित किया जाना चाहिए।
छावनी क्षेत्र होने के कारण यहां पर अच्छे होटल, रेस्टोरेंट आदि का अभाव है। ठहरने के लिए सीमित होटल, रिसार्ट, होमस्टे होने की वजह से अनेक पर्यटकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। त्यूणी चकराता मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ही पार्किंग बन गए। जिस कारण पूरे दिन राजमार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।