नवरात्र के दौरान कुट्टू-सिंघाड़े के आटे, साबूदाना, घी, तेल सहित अन्य की मांग बढ़ जाती है। त्यौहारी सीजन में मिलावटी सामान के आने की आशंका ज्यादा होती है। जिसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को विभागीय टीम ने कुट्टू के आटे, साबूदाना के ग्यारह सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है।
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डा आर राजेश कुमार ने बताया कि नवरात्र से त्यौहारों का सीजन दिसंबर तक चलता है। इस दौरान दुग्ध व खाद्य पदार्थों की मांग काफी ज्यादा होती है। ऐसे में मिलावटी कुट्टू-सिंघाड़े के आटे, खोया, घी, चाकलेट, पनीर, ड्राई फ्रूट आने की संभावना होती है।
कुट्टू के आटे के नमूने जांच में हुए थे फेल
बता दें, विगत वर्षों में शारदीय नवरात्र में संग्रहित कुट्टू के आटे के नमूने जांच में मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। संदूषित कुट्टू के आटे से निर्मित पकवानों के सेवन से हरिद्वार व अन्य स्थानों पर लोगों के बीमार होने के दृष्टिगत इसकी पुनरावृत्ति रोकने को विभाग एहतियाती कदम उठा रहा है।
कुट्टू का आटा व व्रत में इस्तेमाल होने वाली अन्य खाद्य सामग्री क्रय करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें
- पैकेट बंद खाद्य सामग्री के लेबल पर दी गयी जानकारी जैसे कि निर्माण/उपयोग तिथि/निर्माता का नाम एवं पता अवश्य देखें।
- कुट्टू के आटे को खरीदते समय सुनिश्चित करें कि आटा ज्यादा पुराना न हो।
- फलों को अच्छी तरह धोकर प्रयोग में लाएं।
- खाद्य सामग्री के तलने में उपयोग किया जा रहा तेल का बार-बार इस्तेमाल न करें।
यहां करें शिकायत
खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत विभागीय टोल फ्री नंबर 18001804246 पर की जा सकती है।