उत्तराखंड के गठन को 23 साल का समय बीत गया है और इन 23 सालों में अर्थव्यवस्था का आकार तीन लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय दो लाख 32 हजार रुपये से अधिक है। उत्तराखंड बनने के समय यहां महज कुछ ही उद्योग थे और राज्य का सालाना बजट भी पांच हजार करोड़ के करीब था, लेकिन 23 वर्षों में प्रदेश ने आर्थिक मोर्चे पर काफी तरक्की की है।
विकास के मामले में पहाड़ और मैदान के बीच खाई भले ही समाप्त न हो पाई हो, पर राज्य की अर्थव्यवस्था ने काफी विस्तार लिया है। नियोजन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-23 में राज्य की अर्थव्यवस्था यानी जीएसडीपी का आकार बढ़कर 3.03 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो कि पिछले साल 2.65 लाख करोड़ था।
प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी
यही नहीं राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले वित्त वर्ष में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 2.32 लाख रुपये से अधिक हो गई, जो राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय से अधिक है। राज्य में गरीबी को कम करने के प्रयासों में भी सफलता मिली है।
नीति आयोग की ओर से जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में बहुआयामी गरीबी वर्ष 2016 में 17.67 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2021 में घटकर 9.67 प्रतिशत हो गई है।