देहरादून, ब्यूरो। कमिंस इंडिया, बीआईटीएस पिलानी के वर्क इंटीग्रेटेड लर्निंग प्रोग्राम्स (डब्लुआईएलपी) डिवीजन की सहभागिता में शिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों में निरंतर सीखने और अपस्किलिंग की संस्कृति को बढ़ावा दे रहे है। कमिंस इंडिया द्वारा प्रायोजित, ये बी.टेक और एम.टेक प्रोग्राम इंट्री-लेवल और शॉप फ्लोर कर्मचारियों को पेशेवर डिग्री, नए जमाने की पॉवर-स्किल्स तथा इंडस्ट्री संबंधित ज्ञान देकर उनके करियर की नीव सशक्त करते हैं। बीआईटीएस पिलानी डब्लुआईएलपी, कमिंस इंडिया के लिए एक प्रतिष्ठित प्रोग्राम है क्योंकि यह कर्मचारियों को अपने करियर में ब्रेक लिए बिना ही भारत के एक विख्यात संस्थान से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने का सपना पूरा करवाता है। यह प्रोग्राम उन्हें एक्सपोजर और दक्षता भी प्रदान करता है जो उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास हेतु बहुत महत्वपूर्ण है। बीआईटीएस पिलानी डब्लुआईएलपी ने आईटी और आटीईएस, ऑटोमोटिव, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, केमिकल्स, मेटल्स और माइनिंग जैसी इंडस्ट्रीज में 1,00,000 से अधिक कामकाजी पेशेवरों को करियर बढ़ाने वाले कौशल से सशक्त किया है। इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए और निरंतर सीखने व अपस्किलिंग के महत्व को रेखांकित करते हुए कमिंस इंडिया की ह्यूमन रिसोर्स लीडर अनुपमा कौल ने कहा, “अपनी ’हायर टू डेवलपमेंट’ वाली धारणा के अनुसार और कमिंस को एक विकास केंद्रित संगठन बनाने के लिए हम विभिन्न तरीकों से अपने कर्मचारियों का विकास करने में लगातार निवेश करते रहते हैं। ऐसी कई पहलों में से एक है- अपने कर्मचारियों के लिए स्पॉन्सर्ड एज्यूकेशन प्रोग्राम्स में निवेश करना, जिसमें औपचारिक शिक्षा जारी रखने वाला सुविधापूर्ण विकल्प शामिल है। हमारे कर्मचारियों को सीखने का समग्र अनुभव प्रदान हेतु डिजाइन किए गए बीआईटीएस पिलानी के अनूठे वर्क इंटीग्रेटेड लर्निंग प्रोग्राम्स (डब्लुआईएलपी) के लिए हुई इस सहभागिता पर हमें गर्व है। हमारे कर्मचारी इन शिक्षण कार्यक्रमों को बहुत महत्व देते हैं और इन कार्यक्रमों से उन्होंने भारी लाभ भी उठाया है।“ सहभागिता के बारे में बात करते हुए बीआईटीएस पिलानी के ऑफ-कैंपस प्रोग्राम्स एंड इंडस्ट्री एंगेजमेंट के डाइरेक्टर प्रो. जी. सुंदर ने बताया, “हमें गर्व के साथ-साथ इस बात की प्रसन्नता भी है कि प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग कंपनी कमिंस इंडिया के साथ हमने सहभागिता की।