आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां अधिकांश लोग अपनी कमाई से घर का खर्च चलाने और भविष्य के लिए बचत करने की जद्दोजहद में लगे हैं, वहीं दिल्ली की सड़कों पर एक ऐसा युवा भी है, जिसने अपनी सीमित कमाई में भी दूसरों के लिए जगह बना रखी है। खुद आर्थिक संघर्षों से गुजर रहा यह युवक हर महीने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा उन लोगों पर खर्च करता है, जिनसे उसका कोई पारिवारिक रिश्ता तक नहीं है।
आकाश पेशे से फूड डिलीवरी राइडर हैं। करीब छह वर्षों से वह दिल्ली की सड़कों पर बाइक दौड़ाकर लोगों के घर खाना पहुंचा रहे हैं। उनकी रोजाना की कमाई लगभग 1,200 रुपये और मासिक आय करीब 36 हजार रुपये बताई जाती है। लेकिन इस कमाई का एक बड़ा हिस्सा वह अपने लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार करने में खर्च करते हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार वह करीब 15 हजार रुपये हर महीने इस सेवा पर लगा देते हैं।
आकाश की कहानी का सबसे भावुक पक्ष यही है कि वह दिनभर जिस काम से अपनी रोजी-रोटी कमाता है, उसी काम के बाद दूसरों की भूख मिटाने में जुट जाता है।