मंत्री ने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। झीलों के जलस्तर, आकार, जलभराव की स्थिति और उनमें होने वाले संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जाए।
राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे और लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने सभी संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्लेशियर झीलों की निगरानी और जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्वभर में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए ग्लेशियरों और ग्लेशियर झीलों में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक निगरानी बेहद जरूरी है।