देहरादून(ब्यूरो)हरिद्वार अर्द्धकुंभ-2027 में उमड़ने वाली आस्था की भीड़ के बीच कोई चूक भारी न पड़े, इसके लिए सरकार आपदा का इंतजार करने के बजाय संभावित खतरे पहले ही चिह्नित करेगी।
अर्द्धकुंभ के लिए व्यापक आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने को विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एजेंसी अर्द्धकुंभ क्षेत्र में संभावित खतरों, संवेदनशील स्थानों व उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की विस्तृत योजना बनाएगी।अब तक हुए कुंभ में भीड़ प्रबंधन, निगरानी व आपदा से निपटने को अलग-अलग व्यवस्थाएं अपनाई गईं। प्रयागराज कुंभ-2019 में कमांड सेंटर, सीसीटीवी निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया था। हरिद्वार में अब अर्द्धकुंभ से पहले ही यह आकलन कराने की तैयारी है कि कहां खतरा पैदा हो सकता है, भीड़ कहां दबाव बना सकती है और किसी घटना की स्थिति में उपलब्ध व्यवस्था कितनी सक्षम है।