देहरादून(ब्यूरो) चीन सीमा लगे 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित उच्च हिमालयी गांव गुंजी में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर व्यास ऋषि मेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस दौरान सीमा से लगे सात गांवों की आकर्षक झांकियां निकली और विविध कार्यक्रम हुए। भारत-चीन व्यापार की व्यापारिक मंडी, कैलास मानसरोवर और आदि कैलास यात्रा के प्रमुख पड़ाव गुंजी मेले के रंग में रंगा रहा।
इस ऐतिहासिक मेले में व्यास घाटी के सात गांवों-गुंजी, नाबी, नपल्च्यू, रोंगकांग, कुटी, गर्ब्यांग एवं बूदी के ग्रामीणों ने गुंजी स्थित व्यास ऋषि मंदिर प्रांगण में देव दर्शन व पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा व वाद्ययंत्रों के साथ छोलिया नृत्य करते हुए नया दरव्या यानि ध्वज चढ़ाया।