देहरादून, ब्यूरो। भारत में बालों एवं सौंदर्य प्रशिक्षण के अग्रणी संस्थान, एप्टेक द्वारा संचालित लैक्मे अकादमी ने अनन्या पांडे को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है। भारत में व्यवसायिक तौर पर ब्यूटी एवं वेलनेस इंडस्ट्री का आकार 25,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें पिछले एक दशक में 12 प्रतिशत की सी.ए.जी.आर. से वृद्धि हुई है तथा इसके अंतर्गत सैलून, स्पा, पार्लर, पुरुषों को सजाने–संवारने के लिए आउटलेट एवं स्किन क्लीनिक शामिल हैं।इस साझेदारी के बारे में मशहूर अभिनेत्री, अनन्या पांडे ने कहा, ‘एप्टेक द्वारा संचालित लैक्मे अकादमी के साथ इस साझेदारी की घोषणा करते हुए मैं बेहद रोमांचित कर रही हूँ, क्योंकि इसके जरिए मुझे विश्व स्तरीय शिक्षा और करियर के अवसरों के साथ लाखों युवा भारतीयों के भविष्य को सुंदर बनाने की पहल में उनके साथ जुड़ने का अवसर मिला है।
इस मौके पर पुष्करराज शेनाय, सीईओ एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, लैक्मे लीवर, ने कहा, ‘‘अपनी एनर्जी से लोगों का दिल लुभाने वाली और ट्रेंड के अनुरूप पर्सनल स्टाइल को अपनाने वाली अनन्या पांडे, एप्टेक द्वारा संचालित लैक्मे अकादमी के लिए एकदम फिट हैं। हमें उम्मीद है कि उनके साथ हमारी यह साझेदारी लंबे समय तक कायम रहेगी और हमारे लिए फायदेमंद साबित होगी।’’
एप्टेक द्वारा संचालित लैक्मे अकादमी की ब्रांड प्रमुख, पूजा मुकुंदन ने कहा, ‘‘अनन्या अपने पूरे अकादमिक जीवन में बेहद होनहार छात्रा रही हैं और उन्होंने बॉलीवुड में कुछ बड़ा कर दिखाने के अपने सपने का पीछा करने का फैसला लिया। इसी तरह, एप्टेक द्वारा संचालित लैक्मे अकादमी भी ब्यूटी, हेयर एवं स्किन सेगमेंट में शानदार करियर के साथ लाखों उम्मीदवारों के भविष्य को बेहतर एवं खूबसूरत बनाने में विश्वास रखती है। हमारे यहाँ प्रशिक्षण पाने वाले छात्र इस इंडस्ट्री के सबसे बेहतर ब्रांड्स में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, या फिर उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत की है। हम उम्मीद करते हैं कि, भविष्य में हम नई प्रतिभाओं को पेश करना तथा उन्हें अवसर देना जारी रखेंगे।’’ एप्टेक द्वारा संचालित लैक्मे अकादमी ने व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के साथ–साथ इस क्षेत्र में लोगों को अवसर प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया है, तथा पूरे भारत के 100 शहरों में 130 से अधिक केंद्रों के साथ यह संस्थान सबसे आगे है। अकादमी ने इसने न केवल हजारों छात्रों को इस उद्योग जगत से संबंधित पाठ्यक्रम उपलब्ध कराकर उनके हुनर को निखारने का काम किया है, बल्कि उन्हें इस कला में माहिर बनने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हुए उनके और उद्योग के भविष्य को भी संवारने का काम भी किया है।
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