चमोली (ब्यूरो) भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी देवी घटना के नौ घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही। लेकिन समय पर उचित उपचार नहीं मिलने से उसकी जीवन लीला समाप्त हो गई। सीएचसी पोखरी से जब उसे हायर सेंटर रेफर किया गया तो ग्रामीणों ने हेलिकॉप्टर की मांग की। प्रशासन ने इसके लिए प्रयास भी किए, लेकिन खराब मौसम का हवाला देते हुए प्रशासन ने सड़क मार्ग से ही महिला को लेकर जाने को कहा। श्रीनगर के पास उसकी मौत हो गई। यदि हेलिकॉप्टर से महिला को ले जाया जाता तो समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बचाई जा सकती थी।