चमोली (ब्यूरो) : सिद्धपीठ कुरूड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा को लेकर वांण गांव में श्रद्धालुओं के प्रवेश और संभावित भीड़ को लेकर विवाद सामने आया है। ग्राम प्रधान नंदुली देवी ने प्रशासन को पत्र भेजकर आशंका जताई थी कि बड़ी जात के दौरान मां राजराजेश्वरी की डोली के साथ अन्य डोलियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालु वांण पहुंच सकते हैं। ग्राम प्रधान के अनुसार, इससे गांव में अव्यवस्था और कानून व्यवस्था से जुड़ी स्थिति पैदा होने की आशंका है।
Nanda Devi Badi Jat Pilgrimage Faces Controversy in Chamoli
ग्राम प्रधान की शिकायत का हवाला देते हुए चमोली जिलाधिकारी गौरव कुमार ने 4 सितंबर को नायब तहसीलदार नंदानगर (घाट) के माध्यम से बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजा। पत्र में कहा गया कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और डोलियों के वांण पहुंचने से यदि अव्यवस्था या अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी जिम्मेदारी बड़ी जात आयोजन समिति की होगी। डीएम ने समिति अध्यक्ष से ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के साथ बातचीत कर आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकालने को कहा।
कानून व्यवस्था बिगड़ी तो कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यात्रा के दौरान यदि शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित होती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगीइस चेतावनी के बाद बड़ी जात यात्रा को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति के बीच मतभेद और चर्चा का विषय बन गए हैं।
कानून व्यवस्था बिगड़ी तो कार्रवाई की चेतावनी
डीएम के पत्र के जवाब में आयोजन समिति अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को प्रशासन को तीन पेज का पत्र भेजा। समिति का कहना है कि बड़ी जात का आयोजन महीनों पहले सिद्धपीठ कुरूड़ के पुजारियों, डोली और मंदिर समिति की सहमति से विधिवत तय किया गया था। आगे पढ़िए..